– सारण के परसा में प्रत्यय अमृत के निरीक्षण में कई खामियां मिली थीं – फुलवारीशरीफ जेल के डॉ विजय व गया के खिजरसराय के चिकित्सा पदाधिकारी पर हुई कार्रवाई संवाददाता, पटना स्वास्थ्य विभाग ने सारण के परसा, गया के खिजरसराय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के तत्कालीन चिकित्सा पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की है. वहीं, फुलवारीशरीफ जेल के डॉक्टर को भी कई आरोपों में दंड दिया गया है. सारण के परसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुमन कुमार की एक साल की वेतन पर रोक लगा दी गयी है. स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत व सचिव ने बीते साल 13 दिसंबर को परसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया था. इस दौरान दवा वितरण कक्ष बंद था. एनबीसीसी व प्रसव कक्ष की खिड़की का शीशा टूटा हुआ था. 16 बंध्याकरण ऑपरेशन होने के बाद इसकी सूचना आधिकारिक रूप से नहीं थी. बाहर से खून जांच करवाने और उपस्थित नहीं रहने के आरोप में ये कार्रवाई की गयी है. शराब के नशे में आये कैदी की जांच में लापरवाही पर नपे डॉक्टर वहीं, फुलवारीशरीफ जेल के डॉ विजय कुमार की दो वार्षिक वेतन पर रोक लगा दी गयी है. केंद्रीय कारा मोतिहारी में कार्यरत रहने के दौरान जेल में शराब के नशे में आये कैदी के इलाज व जांच में लापरवाही के आरोप में उनके खिलाफ कार्रवाई हुई है. गया के खिजरसराय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के तत्कालीन चिकित्सा पदाधिकारी डॉ भोला भाई की दो वार्षिक वेतनवृद्धि पर रोक लगायी गयी है. वर्ष 2017-18 में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महकार में जेनरेटर संचालक को 3 लाख 19 हजार रुपये अधिक भुगतान करने के आरोप में उनके खिलाफ कार्रवाई हुई है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है