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PHOTOS: झारखंड में ‘मौत की सड़क’, इन 52 ब्लैक स्पॉट्स पर होती हैं सबसे ज्यादा मौतें

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झारखंड में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे चिंता का सबब बन गये हैं. हर दिन औसतन 10 लोगों की असमय जान जा रही है. झारखंड पुलिस और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से राज्य के उन सभी जिलों की सड़कों की गूगल मैपिंग करायी, जहां सबसे ज्यादा सड़क हादसे होते हैं. ऐसे करीब 52 ब्लैक स्पॉट पूरे राज्य में हैं.

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राज्य में 52 ब्लैक स्पॉट

रांची, प्रणव : झारखंड में कई ऐसी जगहों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है, जहां अधिक मौत होती है. इसके तहत राज्य में करीब 52 ब्लैक स्पॉट है. दो वर्ष में राज्य के चिह्नित ब्लैक स्पॉट्स पर 694 हादसे हुए. जिनमें 503 की मौत हुई और 350 लोग घायल हो गये. ऐसे में अगर आप सड़क मार्ग से सफर कर रहे हैं, तो संभल कर जायें. ब्लैक स्पॉट क्षेत्र में आपकी थोड़ी सी असावधानी परेशानी का सबब बन सकती है. इसलिए प्रभात खबर राज्य के सभी 24 जिलों के ब्लैक स्पॉट की जानकारी साझा कर रहा है. जिससे आप यात्रा के दौरान सजग रहें. उक्त ब्लैक स्पॉट से बचाव और उसे समाप्त करने के लिए झारखंड पुलिस, परिवहन, पथ, एनएचआइ आदि विभाग मिलकर प्रयास कर रहे हैं.

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खेलगांव चौक ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित

राजधानी का खेलगांव चौक ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित है. यहां तीन ओर से वाहनों का लगातार आवागमन होने के कारण सड़क हादसे होते रहते हैं.

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रामगढ़ पटेल चौक

रामगढ़ के पास पटेल चौक पर दुर्घटनाओं का सिलसिला रुक नहीं रहा है. लगातार हादसों के कारण प्रशासन भी सतर्कता बरतने की अपील करता रहा है.

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कोडरमा घाटी

कोडरमा घाटी में तेज गति से वाहन चलाने और लापरवाही बरतने के कारण कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें कई लोगों की मौत हो चुकी है.

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नेतरहाट, लातेहार

लातेहार जिले में स्थित नेतरहाट जाने के लिए इस दुर्गम घुमावदार मोड़ से गुजरना पड़ता है. यहां अक्सर लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं.

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हजारीबाग

हजारीबाग जिले में सड़कों की स्थिति काफी हद तक दुरुस्त है. लेकिन लोग वाहन चलाने के दौरान काफी लापरवाही बरतते हैं. जिससे हादसे होते हैं.

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चैनपुर, पलामू

पलामू के चैनपुर स्थित इस सड़क पर लगातार घुमाव होने के कारण वाहन चालक सही अंदाजा नहीं लगा पाते हैं. जिससे वह दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं.

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भगवान घाटी, गढ़वा

गढ़वा जिले की केतार प्रखंड स्थित भगवान घाटी ब्लैक स्पॉट के रूप में जानी जाती है. यहां सड़क हादसों में कई लोग घायल हो चुके हैं और जान भी गंवा चुके हैं.

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डायल 112 से जुड़े, वॉलेंटियर बनकर बचायें जान

एडीजी अभियान सह सड़क सुरक्षा समिति के लिए बनायी गयी कमेटी के अध्यक्ष संजय आनंदराव लाठकर ने कहा कि देशभर की तुलना में राज्य में हर दिन 10 लोगों की मौत सड़क हादसों में होती है. पूरे देश में डायल 112 सिस्टम लागू है. आप इसका एप डाउनलोड करें. फिर एप में दिये गये ऑप्शन को सेलेक्ट कर वॉलेंटियर बनकर सड़क हादसों के घायलों को गोल्डेन आवर में राहत पहुंचा कर उनकी जान बचाने का काम करें. खासकर रिटायर्ड डॉक्टर, सेना के रिटायर्ड कर्मी, रिटायर्ड पुलिसकर्मी के अलावा जागरूक लोग भी वॉलेंटियर बन सकते हैं. घटना होने पर एप के जरिये वॉलेंटियर को तत्काल मैसेज मिलेगा. जिससे वह मदद पहुंचा सकेंगे.

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सबसे ज्यादा मौत धनबाद और गिरिडीह में

राज्य के ब्लैक स्पॉट्स पर हुए हादसों पर नजर डालें, तो वर्ष 2021 और 2022 में सबसे ज्यादा धनबाद के राजगंज में 24 और गोविंदपुर में 22 लोगों की मौत हुई है. इसी तरह गिरिडीह के बेंगाबाद में 21 और पलामू के छत्तरपुर में 18 लोगों की मौत हुई है. दुमका के हंसडीहा में 17, जरमुंडी में 16, पाकुड़ के महेशपुर-सिमडेगा के कोलेबिरा में 15-15, लोहरदगा के कुरू में 14, बोकारो wके पेटरवार में 14 व चास में 12, हजारीबाग के चौपारण में 14 और बरही में 11 लोग मरे हैं. वहीं सरायकेला के चांडिल में 11, जमशेदपुर के बहरागोड़ा में 12 व घाटशिला में 11 की मौत सड़क हादसे में हुई है.

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इन कारणों से हो रहे हैं सड़क हादसे

– सड़क किनारे केबल बिछाने के लिए गड्ढा खोदने और बाद में उसे सही तरीके से नहीं भरे के कारण खासकर दोपहिया वाहन चालक हादसे का शिकार हो जाते हैं

– पुरानी सड़क के चौड़ीकरण का काम कई जगहों पर चल रहा है, इसके लिए पुरानी सड़कों के किनारे काम करने वाली एजेंसी द्वारा गड्ढा खोदा जाता है, लेकिन उसे सड़क के लेवल में भरा नहीं जाता है. यह भी हादसा का बड़ा कारण है

– घर से निकलने पर कई लोग आपको ऐसे मिल जायेंगे, जिनके बाइक व स्कूटी के हैंडल में हेलमेट लटका होगा. ऐसे लोग सड़क पर ट्रैफिक पुलिस को देखते हैं, तब हेलमेट लगा लेते हैं, आगे जाकर फिर हेलमेट उतार देते हैं. बिना हेलमेट के 35 प्रतिशत सड़क हादसे होते हैं. इसमें मौत का आंकड़ा 77 प्रतिशत होता है और

– लाल बत्ती जंप करने, रेस ड्राइविंग करने, शराब पीकर लापरवाही से वाहन चलाने, यातायात नियमों की अनदेखी करने के कारण भी लोग हादसे का आये दिन शिकार हो जाते हैं.

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2021-22 में झारखंड के इस जिलों के ब्लैक स्पॉट पर सबसे अधिक मौत

जिला : स्थान : कितना क्षेत्र : हादसा : मौत : घायल

रांची : रातू-पंडरा-कमड़े : 1.4 किमी : 12 : 06 : 11

रांची : मेसरा से इरबा : 4.9 किमी : 11 : 08 : 06

रांची : खेलगांव-टाटीसिल्वे : 07 किमी : 13 : 08 : 15

रामगढ़ : चुटुपालू-पटेल चौक : 2.50 किमी: 12 : 11 : 03

बोकारो : चंदनकियारी : दो किमी : 16 : 12 : 14

बोकारो : चास : 4.55 किमी : 15 : 12 : 04

बोकारो : पेटरवार : 5.20 किमी : 19 : 14 : 17

चतरा : सिमरिया : 09 किमी : 14 : 10 : 13

चतरा : हंटरगंज : 8.50 किमी : 07 : 05 : 02

चाईबासा : चक्रधरपुर : 3.50 किमी : 14 : 13 : 09

देवघर : जसीडीह : 3.70 किमी : 12 : 10 : 02

देवघर : मोहनपुर : 5.1 किमी : 12: 08 : 04

धनबाद : राजगंज : 4.2 किमी : 26 : 24 : 03

धनबाद : गोविंदपुर : 4.8 किमी : 25 : 22 : 03

धनबाद : निरसा : 4.5 किमी : 11 : 10 : 02

दुमका : हंसडीहा : 07 किमी : 19 : 17 : 17

दुमका : जरमुंडी : 8.8 किमी : 19 : 16 : 05

गढ़वा : गढ़वा टाउन : 4.90 किमी : 16 : 07 : 12

गढ़वा : रमना : 6.70 किमी : 11 : 04 : 06

गिरिडीह : बेंगाबाद : 6.90 किमी : 26 : 21 : 14

गोड्डा : पथरगामा : 4.88 किमी : 06 : 06 : 01

गोड्डा : गोड्डा टाउन : 4.5 किमी : 04 : 00 : 03

गुमला : गुमला शहर : 4.5 किमी : 16 : 10 : 07

गुमला : घाघरा : 4.3 किमी : 10 : 08 : 02

हजारीबाग : बरही : 04 किमी : 19 : 11 : 09

हजारीबाग : चौपारण : 6.5 किमी : 15 : 14 : 05

पूर्वी सिंहभूम : मानगो : 3.5 किमी : 13 : 07 : 02

पूर्वी सिंहभूम : बहरागोड़ा : 6.5 किमी : 18 : 12 : 08

पूर्वी सिंहभूम : घाटशिला :5.8 किमी : 11 : 11 : 04

जामताड़ा : शहरी क्षेत्र : 9.5 किमी : 14 : 08 : 16

खूंटी : तोरपा : 09 किमी : 14 : 07 : 05

खूंटी : मुरहू : 09 किमी : 09 : 08 : 05

कोडरमा : तिलैया : 3.50 किमी : 08 : 06 : 08

कोडरमा : शहरी क्षेत्र : 09 किमी : 08 : 05 : 06

लातेहार : शहरी क्षेत्र : 2.5 किमी : 11 : 06 : 06

लातेहार : मनिका : 07 किमी : 15 : 12 : 04

लोहरदगा : कुरू : 06 किमी : 20 : 14 : 17

लोहरदगा : शहरी क्षेत्र : 6.5 किमी : 12 : 07 : 10

पाकुड़ : महेशपुर : 07 किमी : 16 : 15 : 04

पाकुड़ : शहरी क्षेत्र : 06 किमी : 06 : 04 : 03

पलामू : चैनपुर : 3.70 किमी : 16 : 07 : 08

पलामू : छत्तरपुर : 5.30 किमी : 10 : 18 : 05

साहिबगंज : बोरियो : 02 किमी : 10 : 09 : 01

सरायकेला : आदित्यपुर : 5.5 किमी : 20 : 11 : 10

सरायकेला : गम्हरिया : 5.5 किमी : 11 : 07 : 03

सरायकेला : चांडिल : 07 किमी : 13 : 11 : 20

सिमडेगा : शहरी क्षेत्र : 05 किमी : 14 : 05 : 09

सिमडेगा : कोलेबिरा : 5.5 किमी : 14 : 15 : 07.

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