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Patna News: पटना के 28 हजार वर्ग मीटर में फैले तीन भवनों में अब चलेंगे 39 विभागों के कार्यालय, जानें कब होगी शिफ्टिंग

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Patna News: 28 हजार 388 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले तीन भवनों में 39 सरकारी विभागों के कार्यालय चलेंगे. नवनिर्मित मुख्य समाहरणालय भवन (बी जी 5) सात मंजिला, जबकि अनुमंडल कार्यालय (बी जी 4) और जिला विकास भवन (बी जी 4) का कार्यालय भवन छह मंजिला है. सभी भवनों में एक मंजिल बेसमेंट में, जबकि एक ग्राउंड फ्लोर पर है. जल्दी ही इसमें विभागों की शिफ्टिंग शुरू हो जायेगी. बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर समेत नीचे वाले फ्लोर में लोगों के अधिक आवाजाही वाले विभाग और ऊपर कम आवाजाही वाले विभाग संचालित होंगे. सबसे ऊपर डीएम कार्यालय और उनका कोर्ट होगा.

मॉडर्न और डच आर्किटेक्चर का बेहतर समन्वय

नये समाहरणालय भवन को डिजाइन करते समय मॉडर्न और प्राचीन डच शैली में सुंदर समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया गया है. भवन का निर्माण 186.42 करोड़ रुपये खर्च कर डेढ़ साल में हुआ है, जबकि छह महीने का समय पुराने भवन को हटाने में लगा था. पुराना भवन 100 साल से अधिक पुराना था, जो ब्रिटिश काल में डच शैली में बना था. इस भवन के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसके कुछ स्तंभों को यादगार के रूप में छोड़ भी दिया गया है.

ग्राउंड व फर्स्ट फ्लोर से की जा सकती इंट्री

ग्राउंड पर फिजिकली हैंडिकैप्ड लोगों के लिए भी अलग से रैंप बना है. जिला विकास भवन में मल्टी यूटिलिटी पार्क बना है. पब्लिक सर्विस एरिया में वहां बैंक, दुकान और वेंडर के बैठने के लिए जगह बनी है.

Also Read: Nalanda News: कोर्ट से घर लौट रहे मुंशी को बीच रास्ते से जबरन उठाकर ले गए मंडप, मारपीट कर कराया पकड़ौआ विवाह

रोशनी व वेंटिलेशन का रखा गया है ध्यान

भवन के निर्माण में रोशनी और वेंटिलेशन का पूरा ध्यान रखा गया है. इसके लिए मुख्य भवन में तीन कोर्टयार्ड बनाये गये हैं. साथ ही वेंटिलेशन के लिए विशेष प्रकार की रोशदाननुमा जाली बनी है, जिससे हवा कॉरिडोर में आ-जा सकती है ऑफिस एरिया को पूरी तरह वातानुकूलित रखा गया है और इसके लिए वीआरएस सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, जो सेंट्रलाइज एसी का प्रभाव उत्पन्न करता है. इसमें एक मशीन से कई एसी जुड़े हैं और इनके आउटडोर को भवन की छत पर रखा गया है, ताकि उसकी खूबसूरती पर असर नहीं पड़े. कॉरिडोर में एसी नहीं लगा है.

70 फुट ऊंचे पिलर कराते हैं भव्यता का एहसास

मुख्य समाहरणालय भवन में 70 फुट ऊंचे दो स्तंभों का इस्तेमाल किया गया है, जो भव्यता का एहसास कराते हैं. मुख्य भवन 16408 वर्गमीटर में फैला है, जबकि तीनों भवनों का कुल ऑफिस एरिया 28,388 वर्गमीटर में फैला है.

लगे है खूबसूरत बगीचे

समाहरणालय परिसर को सजाने के लिए फूलों को भी बेहतर ढंग से लगाया गया है. इसमें छोटा, लेकिन काफी करीने से लगाये गये दो बगीचे भी हैं. साथ ही दोनों ओर छोटे टैंक भी बनाये गये हैं, जिनमें कमल के फूल लगाये गये हैं.

निशांत ने किया है डिजाइन

समाहरणालय परिसर का पूरा डिजाइन निशांत विरनवे ने तैयार किया है, जो जायसवाल एंड एसोसिएट्स, नयी दिल्ली के एसोसिएट आर्किटेक्ट हैं और बीते 18 वर्षों से इस व्यवसाय से जुड़े हैं. उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट और बेहतर काम बताया. उन्होंने बताया कि मुख्य समाहरणालय भवन समेत तीनों भवनों में ग्राउंड व फर्स्ट फ्लोर से इंट्री की जा सकती है. बेसमेंट में इंट्री और एग्जिट के लिए चार रैंप बने हैं. पांचवां रैंप जिला कार्यालय के लिए अलग से बनाया गया है.

Patna News: 28 हजार 388 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले तीन भवनों में 39 सरकारी विभागों के कार्यालय चलेंगे. नवनिर्मित मुख्य समाहरणालय भवन (बी जी 5) सात मंजिला, जबकि अनुमंडल कार्यालय (बी जी 4) और जिला विकास भवन (बी जी 4) का कार्यालय भवन छह मंजिला है. सभी भवनों में एक मंजिल बेसमेंट में, जबकि एक ग्राउंड फ्लोर पर है. जल्दी ही इसमें विभागों की शिफ्टिंग शुरू हो जायेगी. बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर समेत नीचे वाले फ्लोर में लोगों के अधिक आवाजाही वाले विभाग और ऊपर कम आवाजाही वाले विभाग संचालित होंगे. सबसे ऊपर डीएम कार्यालय और उनका कोर्ट होगा.

मॉडर्न और डच आर्किटेक्चर का बेहतर समन्वय

नये समाहरणालय भवन को डिजाइन करते समय मॉडर्न और प्राचीन डच शैली में सुंदर समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया गया है. भवन का निर्माण 186.42 करोड़ रुपये खर्च कर डेढ़ साल में हुआ है, जबकि छह महीने का समय पुराने भवन को हटाने में लगा था. पुराना भवन 100 साल से अधिक पुराना था, जो ब्रिटिश काल में डच शैली में बना था. इस भवन के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसके कुछ स्तंभों को यादगार के रूप में छोड़ भी दिया गया है.

ग्राउंड व फर्स्ट फ्लोर से की जा सकती इंट्री

ग्राउंड पर फिजिकली हैंडिकैप्ड लोगों के लिए भी अलग से रैंप बना है. जिला विकास भवन में मल्टी यूटिलिटी पार्क बना है. पब्लिक सर्विस एरिया में वहां बैंक, दुकान और वेंडर के बैठने के लिए जगह बनी है.

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रोशनी व वेंटिलेशन का रखा गया है ध्यान

भवन के निर्माण में रोशनी और वेंटिलेशन का पूरा ध्यान रखा गया है. इसके लिए मुख्य भवन में तीन कोर्टयार्ड बनाये गये हैं. साथ ही वेंटिलेशन के लिए विशेष प्रकार की रोशदाननुमा जाली बनी है, जिससे हवा कॉरिडोर में आ-जा सकती है ऑफिस एरिया को पूरी तरह वातानुकूलित रखा गया है और इसके लिए वीआरएस सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, जो सेंट्रलाइज एसी का प्रभाव उत्पन्न करता है. इसमें एक मशीन से कई एसी जुड़े हैं और इनके आउटडोर को भवन की छत पर रखा गया है, ताकि उसकी खूबसूरती पर असर नहीं पड़े. कॉरिडोर में एसी नहीं लगा है.

70 फुट ऊंचे पिलर कराते हैं भव्यता का एहसास

मुख्य समाहरणालय भवन में 70 फुट ऊंचे दो स्तंभों का इस्तेमाल किया गया है, जो भव्यता का एहसास कराते हैं. मुख्य भवन 16408 वर्गमीटर में फैला है, जबकि तीनों भवनों का कुल ऑफिस एरिया 28,388 वर्गमीटर में फैला है.

लगे है खूबसूरत बगीचे

समाहरणालय परिसर को सजाने के लिए फूलों को भी बेहतर ढंग से लगाया गया है. इसमें छोटा, लेकिन काफी करीने से लगाये गये दो बगीचे भी हैं. साथ ही दोनों ओर छोटे टैंक भी बनाये गये हैं, जिनमें कमल के फूल लगाये गये हैं.

निशांत ने किया है डिजाइन

समाहरणालय परिसर का पूरा डिजाइन निशांत विरनवे ने तैयार किया है, जो जायसवाल एंड एसोसिएट्स, नयी दिल्ली के एसोसिएट आर्किटेक्ट हैं और बीते 18 वर्षों से इस व्यवसाय से जुड़े हैं. उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट और बेहतर काम बताया. उन्होंने बताया कि मुख्य समाहरणालय भवन समेत तीनों भवनों में ग्राउंड व फर्स्ट फ्लोर से इंट्री की जा सकती है. बेसमेंट में इंट्री और एग्जिट के लिए चार रैंप बने हैं. पांचवां रैंप जिला कार्यालय के लिए अलग से बनाया गया है.

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