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किसानी से बदली बिंदु रानी की जिंदगी, अन्य महिलाओं के लिए बनी नजीर

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भंगहा गांव निवासी बिंदु रानी खुद से खेती कर न केवल गृहस्थी संभाल रही है. बल्कि आसपास की अन्य महिलाओं के लिए एक नजीर बन गयी है.

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अली अहमद, फलका मन में सच्ची लगन और दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो इंसान हमेशा सफल होता है. फलका प्रखंड के भंगहा गांव निवासी बिंदु रानी खुद से खेती कर न केवल गृहस्थी संभाल रही है. बल्कि आसपास की अन्य महिलाओं के लिए एक नजीर बन गयी है. मुख्य रूप से पुरुषों द्वारा करने वाले कार्य जैसे खेत में कुदाल चलाना हो या मक्का में खाद देना हो या फिर कीटनाशक के लिए स्प्रे करना हो ये तुरंत आसानी से करती है. गरीबी में पली बढ़ी मां पिता ने समय से पहले शादी कर दी थी. शादी के बाद सुसराल गयी तो वहां भी गरीबी से ही समाना हुआ. उम्र 25 होते-होते दो बच्चों को पालने की कंधों पर ज़िम्मेदारी ने उन्हें सब कुछ सीखा दिया. पति को मिले हिस्से के जमीन के साथ-साथ लीज में दो बीघा मक्का फसल की खेती कर रही है. गरीबी उन्हें हर पल ललकारती थी. ऐसे में वह पहले अपने सूझ बूझ से गांव के कुछ किसानों की जमीन बटाईदार पर लेकर खेती की शुरुआत की. गरीबी से लड़ते हुए और अपने दृढ़ इच्छा शक्ति के कारण खेती के साथ -साथ बकरी व पशु पालन कर अल्प बचत कर बसोबास जमीन खरीदी और खेती के लिए कुछ जमीन भी खरीदी. आज अपने निजी जमीन के अलावा किसानों से बंटाई पर जमीन लेकर खुद से खेती कर रही है. इस प्रकार बिंदु रानी ने अपने हिम्मत, जज़्बे और सच्ची लगन के कारण न केवल दो बच्चों को पाल पोष कर बड़ा किया. बल्कि खुद की गरीबी भी मिटायी. सुबह होते ही कंधे पर कुदाल लेकर खेत के तरफ निकल जाती है. आज स्थानीय महिलाओं के लिए नजीर है. किसानी के साथ बिंदु रानी विद्यालय की सचिव भी है. वहीं जीविका से जुड़ कर आत्मनिर्भर बन रही है. स्थानीय दर्जनों महिला उनसे सबक लेकर अपनी गृहस्थी की गाड़ी चला रही है. वह अपने वार्ड की पंच सदस्य भी है. इस कार्य मे उनके पति फनी गोपाल मंडल का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है. पति राजमिस्त्री है और अन्य प्रदेश में मजदूरी करते हैं.

कहती हैं किसान बिंदु रानी

जिंदगी में चाहे बड़ी से बड़ी मूसीबत क्यों न हो, कभी भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए. उनका मानना है कि गरीबी और हालात उन्हें सब कुछ सीखा दिया. आज वे उसी के वजह से खुश है. क्या कहते हैं पदाधिकारी

प्रखंड विकास पदाधिकारी अमर कुमार मिश्रा ने कहा कि बिंदु रानी की सच्चाई बेबस और लाचार महिलाओं के लिए सबक है. उनसे सबक लेकर ऐसे ही जिंदगी की गाड़ी बढ़ाएं. तभी हमारा समाज और देश की उन्नति होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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