25.1 C
Ranchi
Wednesday, February 26, 2025 | 07:52 pm
25.1 C
Ranchi

BREAKING NEWS

दिल्ली में 5 फरवरी को मतदान, 8 फरवरी को आएगा रिजल्ट, चुनाव आयोग ने कहा- प्रचार में भाषा का ख्याल रखें

Delhi Assembly Election 2025 Date : दिल्ली में मतदान की तारीखों का ऐलान चुनाव आयोग ने कर दिया है. यहां एक ही चरण में मतदान होंगे.

आसाराम बापू आएंगे जेल से बाहर, नहीं मिल पाएंगे भक्तों से, जानें सुप्रीम कोर्ट ने किस ग्राउंड पर दी जमानत

Asaram Bapu Gets Bail : स्वयंभू संत आसाराम बापू जेल से बाहर आएंगे. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दी है.

Oscars 2025: बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप, लेकिन ऑस्कर में हिट हुई कंगुवा, इन 2 फिल्मों को भी नॉमिनेशन में मिली जगह

Oscar 2025: ऑस्कर में जाना हर फिल्म का सपना होता है. ऐसे में कंगुवा, आदुजीविथम और गर्ल्स विल बी गर्ल्स ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए ऑस्कर 2025 के नॉमिनेशन में अपनी जगह बना ली है.
Advertisement

सरकारी स्कूलों के 70 फीसदी बच्चों को ही मिल सकी पाठ्य पुस्तकें

Advertisement

पाठ्य पुस्तक के अभाव के बीच प्रखंड क्षेत्र के 163 प्राथमिक व मध्य समेत आधा दर्जन से अधिक संस्कृत विद्यालय के बच्चे शिक्षा प्राप्त करने को मजबूर हैं.

Audio Book

ऑडियो सुनें

बेनीपुर. एक ओर जहां सरकारी विद्यालयों के कमजोर बच्चों को पूर्ण दक्ष बनाने के लिए ग्रीष्मावकाश में विशेष दक्षता वर्ग का संचालन किया जा रहा है, वहीं पाठ्य पुस्तक के अभाव के बीच प्रखंड क्षेत्र के 163 प्राथमिक व मध्य समेत आधा दर्जन से अधिक संस्कृत विद्यालय के बच्चे शिक्षा प्राप्त करने को मजबूर हैं. सरकारी निर्देश के आलोक में वर्ग एक से आठवीं तक के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए मुफ्त पाठ्य पुस्तक उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण अभी तक शत-प्रतिशत बच्चों को पाठ्य पुस्तक उपलब्ध नहीं कराया जा सका है. वहीं विभिन्न संस्कृत विद्यालय में नामांकित बच्चों को विभाग की इस महत्वाकांक्षी योजनाओं से मानो अलग-थलग कर दिया गया है. इसे लेकर संस्कृत विद्यालय में नामांकित बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है. विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रखंड क्षेत्र के 163 सामान्य विद्यालयों के नामांकित 70 फीसदी बच्चों को ही पाठ्य पुस्तक उपलब्ध कराया गया है. वहीं 30 प्रतिशत बच्चे आज भी बिना किताब के ही ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं. इस संबंध में पूछने पर बीइओ इंदु सिन्हा ने कहा कि जिला से मांग के अनुरूप पाठ्य पुस्तक उपलब्ध नहीं कराये गये. इस कारण लगभग 42 सौ बच्चों को अभीतक पुस्तक नहीं मिली है. नामांकित 28 हजार 950 छात्र-छात्राओं की संख्या में 10 फीसदी वृद्धि कर 35 हजार 350 बच्चों के लिए पुस्तक उपलब्ध कराने का डिमांड जिला को भेजा गया था. इसमें से मात्र 24 हजार 749 बच्चों के लिए ही पुस्तक उपलब्ध कराया गया, जिसे 70 फीसदी बच्चों के बीच बांट दिया गया. शेष के लिए दुबारा जिला को लिखा गया है. रही संस्कृत विद्यालय की बात तो जिला से इन स्कूलों को पाठ्य पुस्तक देने के लिए डिमांड भेजा ही नहीं गया था. इस कारण प्रखंड के आठ संस्कृत विद्यालय को पाठ्य पुस्तक उपलब्ध नहीं कराया गया है. सामान्य विद्यालय के बच्चों में से ही कुछ पाठ्य पुस्तक काटकर एक-दो संस्कृत विद्यालय को भी उपलब्ध कराया गया है. शेष संस्कृत विद्यालय के बच्चे पाठ्य पुस्तक से वंचित हैं. इसमें जनता संस्कृत विद्यालय डखराम के 135, दुर्गा भवन संवि बहेड़ा के 171, संवि लवानी के 45, शिवजी संउवि बैगनी के 64 सहित संवि तरौनी, संवि नवादा, संवि कल्याणपुर फतुल्लाह के नामांकित बच्चों को न तो पाठ पुस्तक मिला है और न ही विद्यालय किट ही मिल सका है.

ट्रेंडिंग टॉपिक्स

संबंधित ख़बरें

Trending News

Advertisement
Advertisement
Advertisement

Word Of The Day

Sample word
Sample pronunciation
Sample definition
ऐप पर पढें
Home होम Videos वीडियो
News Snaps NewsSnap
News Reels News Reels Your City आप का शहर