16.1 C
Ranchi
Saturday, February 8, 2025 | 12:45 am
16.1 C
Ranchi

BREAKING NEWS

दिल्ली में 5 फरवरी को मतदान, 8 फरवरी को आएगा रिजल्ट, चुनाव आयोग ने कहा- प्रचार में भाषा का ख्याल रखें

Delhi Assembly Election 2025 Date : दिल्ली में मतदान की तारीखों का ऐलान चुनाव आयोग ने कर दिया है. यहां एक ही चरण में मतदान होंगे.

आसाराम बापू आएंगे जेल से बाहर, नहीं मिल पाएंगे भक्तों से, जानें सुप्रीम कोर्ट ने किस ग्राउंड पर दी जमानत

Asaram Bapu Gets Bail : स्वयंभू संत आसाराम बापू जेल से बाहर आएंगे. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दी है.

Oscars 2025: बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप, लेकिन ऑस्कर में हिट हुई कंगुवा, इन 2 फिल्मों को भी नॉमिनेशन में मिली जगह

Oscar 2025: ऑस्कर में जाना हर फिल्म का सपना होता है. ऐसे में कंगुवा, आदुजीविथम और गर्ल्स विल बी गर्ल्स ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए ऑस्कर 2025 के नॉमिनेशन में अपनी जगह बना ली है.
Advertisement

बिहार के इस दुर्गा मंदिर में औलाद की मन्नत पूरी होने की है मान्यता, तालाब में चुपके से डुबकी लगाती हैं महिलाएं…

Advertisement

Durga Puja 2024: बिहार में एक दुर्गा मंदिर ऐसा भी है जहां को लेकर मान्यता है कि यहां उन महिलाओं की भी मन्नत मां पूरा करती हैं जिन्हें संतान की प्राप्ति नहीं हो रही हो. जानिए कहां है यह मंदिर...

Audio Book

ऑडियो सुनें

दीपक चौधरी: बांका जिला अंतर्गत कटोरिया नगर पंचायत के राधानगर बाजार स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर की महिमा अपरंपार है. यहां बंगला पद्धति से मां भवानी की पूजा-आराधना की जाती है. राधानगर में पिछले 136 वर्षों से जारी मां भगवती को डाक चढ़ाने की परंपरा आज भी बरकरार है. डाक चढ़ाने के लिए मां भगवती के भक्त पहले ही नंबर लगाते हैं. राधानगर मंदिर की प्रसिद्धि इस बात से समझी जा सकती है कि यहां वर्ष 2045 तक डाक चढ़ाने को लेकर एडवांस बुकिंग हो चुकी है. इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां सच्चे मन से प्रार्थना करने पर मां से संतान का आशीर्वाद मिलता है.

- Advertisement -

2045 तक का डाक हो चुका है बुक

बता दें कि वर्तमान में डाक का खर्च लगभग 30 हजार रुपये के करीब है. वैसे तो प्रत्येक वर्ष एक ही श्रद्धालु के सौजन्य से मां को डाक चढ़ाया जाता है. लेकिन पिछले वर्ष मंदिर के जिर्णोद्धार कार्य को लेकर छह श्रद्धालुओं द्वारा डाक खर्च दिया गया था. मां को डाक से सुसज्जित किये जाने के बाद शेष राशि को मंदिर के निर्माण व विकास कार्य में खर्च किया गया. इस वर्ष राधानगर बाजार निवासी स्व बैलाश साह के पुत्र सह श्रद्धालु सह शिक्षक प्रदीप साह के सौजन्य से मां को डाक चढ़ाया जायेगा.

ALSO READ: Photos: सहरसा-सुपौल को कोसी ने फिर उजाड़ा, 20 तस्वीरों में देखें लाखों बेघर लोगों की कैसे कट रही जिंदगी…

श्रद्धालुओं की पूरी होती है हर मन्नत

क्षेत्र के लोगों की मान्यता है कि इस दुर्गा मंदिर में मांगी गयी मन्नत अवश्य पूरी होती है. महाअष्टमी तिथि को यहां दंड प्रणाम करते हुए मां के दरबार में हाजिरी लगाने की परंपरा भी लंबे समय से चली आ रही है. स्थापना काल से लेकर अब तक पूजा-अर्चना कार्य का संचालन बंगाली समाज द्वारा ही की जाती है. जबकि दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना व संचालन का कार्य मेढ़पति भवानी नाग संभाल रहे हैं. जिसमें कई ग्रामीण सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.

मैया की कृपा से संतान प्राप्ति की है मान्यता

राधानगर बाजार स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर के इतिहास व प्रसिद्धि के बारे में मेढ़पति भवानी नाग ने बताया कि इस मंदिर से कोई भी दुखियारा आज तक खाली या निराश नहीं लौटा है. मां की कृपा से बांझिन की भी गोद भरती है. यहां प्रतिमा विसर्जन में समाज की महिलाएं भी साथ चलती है. एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर अखंड सौभाग्य की कामना भी करती हैं. औलाद की मन्नत मांगने वाली महिलाएं प्रतिमा विसर्जन के दौरान तालाब में गुप्त रूप से डुबकी भी लगाती हैं.

ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Advertisement
Advertisement
Advertisement

Word Of The Day

Sample word
Sample pronunciation
Sample definition
ऐप पर पढें