नयी दिल्ली : बदायूं में कथित सामूहिक बलात्कार मामले में नया मोड आ गया है. सीबीआइ ने आज कहा कि इसका मुख्य गवाह झूठ पकडने वाली मशीन की जांच में विफल रहा जिससे उसकी गवाही पर सवाल खडे हो गए हैं. सीबीआइ के मुताबिक मामले के एकमात्र गवाह नजरु की हाल में पॉलीग्राफिक जांच हुई. […]
नयी दिल्ली : बदायूं में कथित सामूहिक बलात्कार मामले में नया मोड आ गया है. सीबीआइ ने आज कहा कि इसका मुख्य गवाह झूठ पकडने वाली मशीन की जांच में विफल रहा जिससे उसकी गवाही पर सवाल खडे हो गए हैं.
सीबीआइ के मुताबिक मामले के एकमात्र गवाह नजरु की हाल में पॉलीग्राफिक जांच हुई. इसकी रिपोर्ट आज प्राप्त हुई जिसमें मामले के मुख्य सवालों पर उसके बयान में असंगति है. नजरु के बयान के आधार पर उत्तप्रदेश पुलिस ने मामला दर्ज किया था और अपने दो सिपाहियों सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया था. आरोप था कि आपस में रिश्तेदार दो लडकियों से बलात्कार करने के बाद उनकी हत्या कर दी गई थी.
मामले में आये पहले मोड के तहत एजेंसी की तरफ से की गयी डीएनये जांच पर आधारित फोरेंसिक साक्ष्य में दोनों किशोरियों के यौन उत्पीडन से इंकार किया गया था. इसके बाद एजेंसी ने मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर नहीं किया था. पांचों आरोपी झूठ पकडने वाली मशीन की जांच में सफल हुए थे.
नजरु ने झूठ पकडने वाली जांच के दौरान स्वीकार किया कि उसके पास एक मोबाइल फोन था. पहले उसने मोबाइल फोन होने से इंकार किया था.