नयी दिल्ली: जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष आैर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बिना ही पांच अगस्त को होने वाले उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए आज संयुक्त उम्मीदवार उतारने को लेकर विपक्ष बैठक करेगा. बताया जा रहा है कि मंगलवार को 18 राजनीतिक दलों के नेताआें की उपस्थिति में विपक्ष संसदीय पुस्तकालय में विपक्ष अपनी रणनीति तैयार करेगा. इस बैठक की मेजबानी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी करेंगी.
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राजनीतिक तौर पर कयास यह लगाया जा रहा है कि राष्ट्रपति चुनाव को लेकर एनडीए प्रत्याशी रामनाथ कोविंद का समर्थन करने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्ष की इस बैठक में शिरकत नहीं करेंगे. हालांकि, अभी तक जदयू की आेर से आधिकारिक तौर पर इस तरह की कोर्इ घोषणा नहीं की गयी है. कयास यह भी लगाया जा रहा है कि चूंकि बिहार में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के कुनबे के दर्जनभर ठिकानों पर सीबीआर्इ छापों के बाद नीतीश कुमार मंगलवार को जनता दरबार रद्द करके विधायक दल की बैठक में शिरकत करेंगे. इस लिहाज से वह उपराष्ट्रपति पद के चुनाव को लेकर दिल्ली में होने वाली विपक्ष की बैठक में उपस्थित नहीं हो सकेंगे.
गौरतलब है कि मिशन-2019 के खिलाफ देश में बने महागठबंधन के घटक दलों के अहम नेताआें पर सरकार की कार्रवार्इ के बीच मंगलवार को उपराष्ट्रपति चुनाव पर आम सहमति बनाने आैर संयुक्त उम्मीदवार घोषित करने के लिए विपक्ष की आेर से बैठक आयोजित की जायेगी. 11 जुलार्इ को उप-राष्ट्रपति पद के आगामी चुनाव की रणनीति तैयार करने के लिए विपक्ष की आेर आयोजित की जाने वाली बैठक में जदयू सहित 18 विपक्षी पार्टियों को बुलाया गया है.
इस बैठक को लेकर विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति चुनाव को लेकर विपक्ष में दिखे मतभेद को दूर करने के लिए गैर-राजग दलोें ने पांच अगस्त को होने वाले उप-राष्ट्रपति चुनाव पर चर्चा के लिए बैठक करने का फैसला किया है. राष्ट्रपति चुनाव में जदयू की ओर से राजग के उम्मीदवार राम नाथ कोविंद का समर्थन किये जाने के फैसले से विपक्षी एकता में सेंध लग गयीं थी. संसद पुस्तकालय में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से बुलायी गयी बैठक में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी पार्टियों के नेता शिरकत करेंगे.
विपक्षी पार्टियां 17 जुलाई से शुरू हो रही संसद के माॅनसून सत्र में सदन प्रबंधन पर भी चर्चा करेंगी. उप-राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन-पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया चार जुलाई को शुरू हुई और इसकी आखिरी तारीख 18 जुलाई है. सूत्रों ने बताया कि हर पार्टी से कहा गया है कि वे बैठक में अपने सुझाव दें और विपक्ष इस चुनाव अंतिम निर्णय कर सकता है.