Sawan 2024: स्वर्णरेखा नदी और इसके उद्गम स्थल रानीचुआं के संरक्षण को लेकर रविवार को गंगायात्री पीयूष पाठक के नेतृत्व में नमामि स्वर्णरेखा के तहत कांवर यात्रा निकाली गयी. हर-हर महादेव के जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने कांवर यात्रा की शुरुआत की. श्रद्धालु रानीचुआं से 21 किलोमीटर की यात्रा तय कर रांची के पहाड़ी मंदिर पहुंचे और पहाड़ी बाबा का जलाभिषेक किया. स्वर्णरेखा नदी की स्वच्छता एवं इसके उद्गम स्थल के गौरवपूर्ण इतिहास को लेकर जन-जन को जागरूक करने को लेकर ये कांवर यात्रा निकाली गयी.

21 किलोमीटर का सफर तय कर किया जलाभिषेक

सावन की तीसरी सोमवारी से पहले रविवार को कांवरिेए पीयूष पाठक के नेतृत्व में स्वर्णरेखा नदी के उद्गम स्थल रानीचुआं से 21 किलोमीटर की दूरी तय कर रांची पहुंचे. रास्ते में नाचते-गाते, झूमते एवं जल स्रोतों को बचाने का नारा लगाते हुए पहाड़ी मंदिर में भोले बाबा का अभिषेक किया. इस दौरान हर-हर महादेव का जयघोष गूंजता रहा. इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल थे. यात्रा में सुरेश साहु एवं कटहल मोड़ में प्रमोद शाहदेव ने अपनी पूरी टीम के साथ कांवरियों का स्वागत किया. यात्रियों के स्वास्थ्य रक्षा के लिए हार्ट केयर सेंटर ने एंबुलेंस उपलब्ध कराया.

जगह-जगह कवांरियों का किया गया स्वागत

इस कांवर यात्रा में मुख्य रूप से जोहार पार्टी के विजय कुशवाहा, मानवाधिकार के अध्यक्ष सिद्धार्थ, रांची सिटीजन फोरम के अध्यक्ष दीपेश निराला, आयुष पाठक, हर्ष तिर्की, कमल मिश्र, कैलाश केशरी, रोटी बैंक के विजय पाठक, सुनीता देवी एवं अन्य कई गणमान्य उपस्थित रहे. कार्यक्रम सफल बनाने में मुख्य संरक्षक तपेश्वर केशरी का सक्रिय सहयोग रहा.

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