झारखंड में हाइवे की योजनाएं प्रभावित, गडकरी ने सीएम से मांगा सहयोग

वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे के छह पैकेज का कार्य भी शुरू नहीं हो सका है

By Prabhat Khabar News Desk | December 31, 2024 12:51 AM
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भू-अर्जन सहित अन्य अड़चनों के कारण दो दर्जन से अधिक हाइवे का काम है बाधित

वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे के छह पैकेज का कार्य भी शुरू नहीं हो सका है

रांची.केंद्रीय सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने झारखंड में हाइवे की योजनाओं के प्रभावित होने के मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सहयोग मांगा है. उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर इस मामले को व्यक्तिगत रूप से देखने को कहा है. केंद्रीय मंत्री ने लिखा है कि राज्य में करीब दो दर्जन से अधिक हाइवे की योजनाएं भू-अर्जन, वन भूमि व पुलिस से संबंधित समस्याओं के कारण प्रभावित है. ऐसे में इसका निराकरण कराने को कहा है. केंद्रीय मंत्री ने लिखा है कि हाइवे निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए राज्य के वरीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिया जाये, ताकि विकास की योजनाएं बाधित न हो. यह भी लिखा गया है कि राज्य सरकार के राजस्व, एवं भूमि सुधार के साथ ही वन विभाग व पुलिस की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जरूरत है. राष्ट्रीय राजमार्ग के तहत बन रही हाइवे की विभिन्न 25 परियोजनाएं बाधित है. इसके लिए भू-अर्जन व मुआवजा वितरण समय पर नहीं हो रहा है.

मंत्री ने लिखा है कि वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस-वे छह पैकेज का कार्य भी शुरू नहीं हो सका है. इसमें वन विभाग की जमीन के एवज में क्षतिपूर्ति के लिए भूमि उपलब्ध कराने सहित भू-अर्जन लंबित है. वहीं कुड़ू से उदयपुरा होते हुए विढ़ंमगंज की फोर लेन परियोजनाओं में भी अभी पूरी तरह जमीन नहीं मिल सकी है. इसके अलावा अन्य 11 चालू योजनाएं प्रभावित हैं. पांच परियोजनाओं की निविदा हुई है, पर उसमें भी भूमि को लेकर अड़चनें हैं. यह भी लिखा गया है कि 1380 करोड़ रुपये के मुआवजा का वितरण लंबित है.

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जिलों की धीमी पहल से हो रही परेशानी

भू-अर्जन सहित अन्य मामलों को लेकर संबंधित जिलों को कई बार अवगत कराया गया है. जिलों से जमीन उपलब्ध कराने को कहा गया. इस दिशा में राज्य स्तर पर भी पहल कर जिलों को आदेश दिया गया पर, जिलों के स्तर पर धीमी पहल के कारण यह परेशानी हो रही है.

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