Photos: मनमोहन सिंह जब कोसी की तबाही देखने पहुंचे थे बिहार, मदद के लिए खोल दिया था सरकारी खजाना
Manmohan Singh News: बिहार में जब 2008 में कोसी ने तबाही मचायी थी तब तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बिहार आए थे. बाढ़ की तबाही देखकर उन्होंने बिहार के लिए सरकारी खजाना खोल दिया था.
Manmohan Singh News: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का निधन गुरुवार की रात को दिल्ली एम्स में हो गया. 92 वर्ष की आयु में उन्होंने आखिरी सांस ली. मनमोहन सिंह का बिहार से भी गहरा नाता था. उन्होंने पीएम रहते बिहार को कई सौगात दी. अनेकों बार वो बिहार आए भी. कभी चुनाव प्रचार के लिए तो कभी बैठक में भाग लेने पहुंचे. बिहार 2008 में जब कोसी ने तबाही मचायी थी तो तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बिहार आए थे. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का उन्होंने जायजा लिया था. उस दौरान बिहार के लिए उन्होंने डिमांड से अधिक सरकारी खजाना खोल दिया था.
2008 में बाढ़ की तबाही आयी, मनमोहन सिंह खुद पहुंचे बिहार
बिहार हर साल बाढ़ की मार झेलता है लेकिन वर्ष 2008 में जब कुसहा बांध टूटा था तो भयंकर बाढ़ आयी थी. इस बाढ़ की त्रासदी को देखने के लिए खुद तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बिहार पहुंचे थे. 28 अगस्त 2008 को बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरा करने वो आए थे. इस दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें राज्य के हालात से अवगत कराया था. तब रेल मंत्री लालू यादव थे. वो भी वहां मौजूद रहे थे.
ये भी पढ़े : मनमोहन सिंह ने बिहार को क्या कुछ दिया? विशेष राज्य के दर्जे को लेकर भी बनायी थी विशेष कमेटी
हवाई सर्वे किया, 1000 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया
मनमोहन सिंह ने तब पूर्णिया, अररिया, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, सहरसा, भागलपुर, खगड़िया आदि जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया था. कोसी नदी का जलप्रलय देखकर मनमोहन सिंह भी दंग रह गए थे और कोसी की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया था. उन्होंने पूर्णिया एयरपोर्ट पर बाढ़ की तबाही को स्वीकारते हुए 1000 करोड़ रुपए की तत्काल सहायता देने का ऐलान किया था.
डिमांड से अधिक अनाज भी दिलवाया
तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह ने 2008 में बाढ़ की जब तबाही देखी तो बिहार के लिए सवा लाख टन अनाज देने की भी घोषणा की. जानकार बताते हैं कि तब प्रदेश में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार थी. मनमोहन सिंह ने डिमांड से आगे बढ़कर बिहार को मदद मुहैया की थी. बिहार सरकार ने तब एक लाख टन अनाज की मांग की थी जबकि मनमोहन सिंह ने सवा लाख टन अनाज दिलवाया था. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय सेवा, वायु सेना, एनडीआरएफ समेत अन्य एजेंसियों को राहत के लिए मैदान में उतारा गया था.
ये भी पढ़े : Manmohan Singh: आर्थिक सुधारों के जनक ने जीएसटी से लेकर कई कानूनों की रखी नींव, पढ़ें 10 बड़े फैसले
ये भी पढ़े : किस बीमारी से हुई पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मौत?