Bihar News : जम्मू-कश्मीर के गलवान घाटी (Galwan Valley) पोस्ट पर तैनात जयनगर थाना क्षेत्र के कोरहिया गांव निवासी इंडियन आर्मी बिहार रेजिमेंट के जूनियर कमांडिंग आफिसर 39 वर्षीय हेम शंकर प्रसाद, पिता राम चन्द्र साह देश के खातिर शहीद हो गए. स्व. प्रसाद के भाई हरि शंकर साह ने बताया कि मेरा भाई देश की सुरक्षा को लेकर जम्मू-कश्मीर के गलवान घाटी पोस्ट पर तैनात था.

बीते एक जनवरी को परिजनों से मोबाइल पर संपर्क हुआ. लेकिन तीन जनवरी को आर्मी हेड क्वाटर से सूचना आयी कि आर्मी आफिसर की तबीयत अचानक खराब हो गई है. लेकिन घने कोहरे और कङाके की ठंड के कारण पोस्ट तक हेलीकॉप्टर नहीं पहुंच सका. मौसम ठीक होने पर हेलीकॉप्टर के माध्यम से ईलाज के लिए आर्मी हेडक्वार्टर ले जाया गया. बुधवार को आर्मी हेड क्वाटर से सूचना आई की कमांडिंग आफिसर की मृत्यु हो गई है. आर्मी आफिसर के नहीं रहने पर पूरा गांव में मातम छा गया है.

गांव में पसरा सन्नाटा- जवान के शहादत की खबर जैसे ही गांव के लोगों के हुई पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया. वहीं आस पास के गांव के लोगों मे भी इस घटना से मातमी सन्नाटा पसरा है. गांव के लोग स्व. प्रसाद को प्यार से पप्पू के नाम से पुकारा करते थे. इनके माता पिता सदमे में हैं. रह रह कर मां दहारें मार मार कर रो रही थी. वहीं दो छोटे छोटे बच्चे व पत्नी का भी रो रो कर बुरा हाल था. पूरा गांव इनके घर पर अंतिम दर्शन को जमा हो गया था. समाचार लिखे जाने तक गुरूवार की देर शाम तक इनका पार्थिव शरीर गांव नहीं पहुंच सका था

पारिवारिक सूत्रों के अनुसार साल 1997-98 में इनका चयन सेना में हुआ था. ये कारगिल के लड़ाई में भी अपनी रण कौशल को दिखा चुके थे. बीते कुछ माह से गलवान घाटी में तैनात थे. जहां इनकी तबीयत अचानक खराब हो गयी. परिवार के लोगों को इसकी जानकारी दी गयी. पारिवारिक सूत्र ने बताया है कि परिवार के सदस्य बीते दिनों चंडीगढ में इनसे मिलकर भी आये थे. पर अचानक ही अब इनके शहीद होने की खबर बुधवार को आयी. पटना तक विशेष विमान से इनके पार्थिव शरीर को लाया गया. जहां से सेना के वाहन से इनके पार्थिव शरीर को गांव लाने की प्रक्रिया की गयी.

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Posted By : Avinish kumar Mishra