श्रीचैतन्य कुटी में भगवान के माखन चोरी की लीला से भक्तिमय हुआ वातावरण
50वें उत्सव सह गोस्वामी श्यामसुंदर दासजी महाराज के 30वें तिरोधान महोत्सव का शुभारंभ बीती देर शाम हुआ.
जाले. रतनपुर स्थित श्रीचैतन्य कुटी परिसर में श्रीराधावल्लभ लालजू के 50वें उत्सव सह गोस्वामी श्यामसुंदर दासजी महाराज के 30वें तिरोधान महोत्सव का शुभारंभ बीती देर शाम हुआ. मौके पर कुटी के संरक्षक सह गौड़ीय संप्रदाय के गुरु राधावल्लभ दास ने श्रीमद्भागवत से जुड़ी प्रेरक कथाएं कही. गोलोकवासी श्याम सुंदरजी की जीवनवृत को उनके शिष्यों व श्रद्धालुओं के बीच रखा. प्रथम दिन रात में वृंदावन के श्रीनिकुंज बिहारी रास मंडल की ओर से माखन चोरी लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया. शनिवार के प्रातःकालीन सत्र में श्रीचैतन्य महाप्रभु की लीला में महाप्रभु के अवतार सृजन लीला की मोहक प्रस्तुति की गयी. दिखाया गया कि अनेक प्रकार के कृष्ण भगवान हैं. भगवान ने दुष्टों का संहार करने, साधकों एवं गोवंश की रक्षा करने के लिए आयुध धारण किया. श्रीकृष्ण अवतार और श्रीराधा का समवेद प्रकार है. कलियुग में श्रीचैतन्य महाप्रभु का भक्त के रूप में भगवान का अवतार हुआ. श्रीचैतन्य महाप्रभु के अवतार सृजन लीला की मनमोहक प्रस्तुतीकरण से दर्शक एवं श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे. लीलाओं का निर्देशन स्वामी श्रीकुंज बिहारी शर्मा ने किया. रासलीला देखने के लिए रतनपुर के अलावा ब्रह्मपुर, लखनपुर, कछुआ, चकौती, सनहपुर, भरवाड़ा, नरौछ, बिहारी, कलवाड़ा आदि गांवों से श्रद्धालु पहुंचे थे. मौके पर संत राज किशोर दास, नरेश मिश्र, शशिभूषण दास आदि मौजूद थे.
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