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अ‍भी भी समय है, 12 बजे के पहले कर लें अनंत चतुर्दशी पूजा

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आज दोपहर बारह बजे के पहले अनंत चतुर्दशी की पूजा कर लें. मुहूर्त के मुताबिक प्रात: काल से दिन के 11.57 के पहले तक अनंत की पूजा समाप्त करने का मुहूर्त है. अनंत पूजा करने के बाद बांह में 14 गांठों वाला अनंत सूत्र बांधा जाता है. ज्योतिषियों के मुताबिक इस दिन भगवान विष्णु की […]

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आज दोपहर बारह बजे के पहले अनंत चतुर्दशी की पूजा कर लें. मुहूर्त के मुताबिक प्रात: काल से दिन के 11.57 के पहले तक अनंत की पूजा समाप्त करने का मुहूर्त है. अनंत पूजा करने के बाद बांह में 14 गांठों वाला अनंत सूत्र बांधा जाता है. ज्योतिषियों के मुताबिक इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से सब मंगल ही मंगल होता है. ऐसी मान्यता है कि पूजा करने के बाद अनंत सूत्र बांधने से मुसीबतों से रक्षा होती है, इसी के साथ साधकों का कल्याण होता है.
पुरुष इसे दाहिनी बांह में व महिलाएं बायीं बांह में बांधती हैं. आख्यान के मुताबिक एक दिन कौणिडन्य मुनि जी ने अपनी पत्नी के हाथ पर बंधा अनंत सूत्र को तोड़ दिया और फिर उसे आग के हवाले कर दिया, उन्होंने लगा था कि ये जादू-मंतर वाली वशीकरण करने का डोरा है.
मुनि जी के इस कार्य के बाद भगवान विष्णु नाराज हो गये, जिसके बाद उनकी सारी संपत्ति नष्ट हो गयी. जीवन की ऐसी स्थिति हो गई कि वह दीन-हीन स्थिति में आ गये और तब उन्होंने अपने अपराध का प्रायश्चित करने का निर्णय लिया. निर्णय लेने के बाद वह अनंत भगवान से क्षमा मांगने के लिए वन में चले गये, रास्ते में उन्हें जो भी कुछ मिलता वह उसे अनंत देव कता पता समझकर पूछते जाते थे.
काफी ढूंढने पर भी जब उन्हें अनंत भगवान के दर्शन नहीं हुए तो वह निराश हो गये और तभी उन्होंने अपने प्राण त्यागने का उद्यत हुए. इसके बाद भगवान आकर उनकी समस्या का निदान कर देते हैं.

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