Farmers Protest : दिल्ली-एनसीआर में सब्जियों और फलों की कीमतें बेकाबू, मंडियों तक ट्रकों की आवाजाही बंद

Farmers Protest : केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों द्वारा मंगलवार को भारत बंद का ऐलान किया गया है. उनके इस आंदोलन में ट्रांसपोर्टरों ने भी समर्थन देने की घोषणा की है. किसानों के इस आंदोलन की वजह से देश की दिल्ली-एनसीआर में सब्जी और फलों की कीमतों को बेकाबू होने के आसार अधिक हैं. हालांकि, किसानों के आंदोलन की वजह से इनकी कीमतों में पहले से ही इजाफा हो गया है.

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 7, 2020 8:52 PM
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Farmers Protest : केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों द्वारा मंगलवार को भारत बंद का ऐलान किया गया है. उनके इस आंदोलन में ट्रांसपोर्टरों ने भी समर्थन देने की घोषणा की है. किसानों के इस आंदोलन की वजह से देश की दिल्ली-एनसीआर में सब्जी और फलों की कीमतों को बेकाबू होने के आसार अधिक हैं. हालांकि, किसानों के आंदोलन की वजह से इनकी कीमतों में पहले से ही इजाफा हो गया है.

आलम यह है कि एशिया की सबसे बड़ी मंडी आजादपुर में सब्जियों और फलों की आवक आधी रह गई है. आजादपुर मंडी से एनसीआर की आधी से अधिक आबादी को सब्जी और फलों की आपूर्ति की जाती है, सब्जी और फलों से लदे ट्रक किसानों के आंदोलन की वजह से मंडी तक पहुंच नहीं पा रहे हैं. मंगलवार को भारत बंद के दौरान स्थिति और भी खराब हो सकती है, क्योंकि शहर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ठप रहेगी.

आजादपुर मंडी के एक कारोबारी का कहना है कि किसानों के आंदोलन की वजह से आपूर्ति फिलहाल 40 से 50 फीसदी तक गिर गई है. उनका कहना है कि यदि यह आंदोलन लंबा खिंचता है, तो पूरे दिल्ली-एनसीआर में सब्जी और फलों की किल्लत हो जाएगी और कीमतों में भी तेजी आ जाएगी. इतना ही नहीं, इससे ट्रक ड्राइवरों और मंडी में काम करने वाले मजदूरों पर भी प्रभाव पड़ेगा.

बता दें कि किसान संगठनों और सरकार के बीच कई राउंड की बातचीत विफल रही है. सोमवार को पूरे देश के किसानों के दिल्ली चलो आंदोलन का 12वां दिन है, खासकर पंजाब और हरियाणा के किसानों का. बीते सितंबर महीने में संसद में पास तीन कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर हजारों की संख्या में किसान लगातार डटे हुए हैं, जो एक साल के दौरान भारत में किसानों का अब तक सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन है.

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Posted By : Vishwat Sen

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