बच्चों के लिए खाद्य पदार्थों की आनलाइन मार्केटिंग पर लगाम लगे : WHO

कोपनहेगन : विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि सरकारों को बच्चों को अस्वास्थ्यकारी खाद्य उत्पाद बेचने के लिए आनलाइन मार्केटिंग के तौर तरीकों पर लगाम लगानी चाहिए. डब्ल्यूएचओ ने आज जारी एक रपट में यह सुझाव दिया है. इसमें कहा गया है कि ये कंपनियां डिजिटल विश्लेषण व भूस्थैतिक डेटा का इस्तेमाल करते […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 4, 2016 1:22 PM
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कोपनहेगन : विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि सरकारों को बच्चों को अस्वास्थ्यकारी खाद्य उत्पाद बेचने के लिए आनलाइन मार्केटिंग के तौर तरीकों पर लगाम लगानी चाहिए. डब्ल्यूएचओ ने आज जारी एक रपट में यह सुझाव दिया है. इसमें कहा गया है कि ये कंपनियां डिजिटल विश्लेषण व भूस्थैतिक डेटा का इस्तेमाल करते हुए बच्चों को निशाना बना रही हैं जो आसानी से उनके ‘झांसे’ में आ सकते हैं.

डब्ल्यूएचओ ने सरकारों से आग्रह किया है कि अधिक वसा, नमक व चीनी वाले खाद्य पदार्थों के विज्ञापन के लिए न्यूनतम विधिसम्मत आयु 16 साल तय की जाए. इस तरह की खाद्य सामग्री से जुड़े नियम फिलहाल केवल गैर डिजिटल मीडिया पर लागू होते हैं. रपट में कहा गया है कि डिजिटल मीडिया में विज्ञापन की बहुत जटिल प्रणाली है जिसमें कंपनियां बहुत अधिक लक्षित ग्राहकों को निशाना बन सकती हैं.

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