वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर : गर्मी की तपिश बढ़ने के साथ एसी व कूलर दुकान में ग्राहकों की भीड़ बढ़ी है, लेकिन यह भीड़ अभी बिक्री की नहीं बल्कि उसके सर्विस को लेकर है. थोड़े बहुत एसी कूलर की बिक्री हो रही है. लेकिन एसी के सर्विसिंग और कूलर के सर्विसिंग को लेकर सबसे ज्यादा लोग दुकानों में पहुंच रहे हैं. कंपनी के सर्विस सेंटर से मेंटेनेंस में विलंब होता है. ऐसे में कुछ लोकल स्टाफ को भी हायर किया गया है जो ग्राहकों के घरों पर जाकर सर्विस देते हैं. ग्राहक को समान बेचने के साथ उसकी बेहतर सर्विस जिस दुकानदार द्वारा उपलब्ध करायी जाती है ग्राहक उनपर अधिक भरोसा करते हैं. यही कारण है कि कंपनी द्वारा सर्विस में विलंब होने पर लोकल स्तर पर सर्विस की व्यवस्था की जाती है, ताकि अधिक-से- अधिक ग्राहकों को सर्विस मिल रहे. यही कारण है कि लोकल मेंटेनेंस करने वाले मिस्त्री की डिमांड खूब बढ़ी है. सर्विस प्रोवाइडर ने बताया कि अगर एसी की कूलिंग कम लग रही है तो इसके लिए एसी का थर्मोस्टेट जिम्मेदार हो सकता है. अगर रूम के टेम्प्रेचर के हिसाब से कूलिंग नहीं मिल रही है तो इस सेंसर में खराबी कारण हो सकती है. एसी की कूलिंग के लिए कंडेनसर कॉइल भी एक कारण हो सकता है. एसी की कूलिगं के लिए एयर फिल्टर का ठीक से काम करना जरूरी है. लेंट इवेपोरेट कॉइल के जरिए घूमता है. अगर कूलेंट का लेवल ही कम हो तो एसी की कूलिंग पर इसका सीधा असर पड़ता है. एयर कंडिशनर में कम्प्रेसर एक अहम रोल में होता है, इसलिए कम्प्रेशर को भी एक बार ठीक से चेक कर लेना चाहिए. जिनके एसी वारंटी प्रीयड में रहती है उन्हें कंपनी की ओर से नि:शुल्क सर्विस मुहैया होती है. नहीं तो इसके बाद 500 से 1000 रुपये का सर्विस चार्ज होता है. वहीं कूलर में सबसे अधिक मोटर खराब की शिकायत आती है. मोटर बदलने को बाद कूलर चलना शुरू हो जाता है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है