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यूपी विधानसभा शीतकालीन सत्र: सीएम योगी ने विपक्ष पर कसा तंज- बस्तियां लूटने वाले नसीब के मारों की करते हैं बात

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सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेता विरोधी दल 2012 से 2017 के बीच में मुख्यमंत्री के पद पर प्रदेश को अपनी सेवाएं दे चुके हैं. कई बार संसद में भी रहे हैं, यदि वे अनुपूरक बजट की मांग के बारे में जानकारी और अच्छी कर लेते तो संभवत: उससे ज्ञानवर्धन होता. वे अपने अन्य समाजवादी सहयोगों को भी बता सकते थे.

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UP Assembly Winter Session 2023: यूपी विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन विधानसभा में अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान नेता विरोधी दल अखिलेश यादव ने अनुपूरक बजट पर सवाल उठाए और सरकार की खामियां गिनाईं. इसके बाद नेता सदन सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेता विरोधी दल लीक से हटकर बोलने की आदी हो गए हैं. मुझे अफसोस हो रहा था कि नेता विरोधी दल लीक से हटकर के बोलने के आदी हो चुके हैं और यह बीमारी केवल यही पर नहीं आई है, जो बीमारी बिहार में देखने को मिल रही है, वही बीमारी यहां भी देखने को मिल रही है. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने एक शायरी से अपनी बात रखी, ‘बड़ा हसीन है उनकी जुबान का जादू, लगा के आज बहारों की बात करते हैं, जिन्होंने रात में बेखौफ बस्तियां लूटी वही नसीब के मारों की बात करते हैं’. उन्होंने कहा कि वैसे यह अच्छी शुरुआत है कि उत्तर प्रदेश विधानमंडल की विधानसभा और विधान परिषद में पिछले छह सात वर्षों में चर्चा परिर्चा का एक माहौल बना है. 2022 के बाद इसमें सकारात्मक पहल हुई है. उन्होंने कहा कि और इसमें भी विरोधी पक्ष के लोग खूब तैयारी करके आना चाहते हैं. ईश्वर इनकी इसी प्रकार से प्रगति करें और ये हमेशा विपक्ष में बैठे रहें, यह हम प्रार्थना करते हैं.

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सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेता विरोधी दल 2012 से 2017 के बीच में मुख्यमंत्री के पद पर प्रदेश को अपनी सेवाएं दे चुके हैं. कई बार संसद में भी रहे हैं, यदि वे अनुपूरक बजट की मांग के बारे में जानकारी और अच्छी कर लेते तो संभवत: उससे ज्ञानवर्धन होता. वे अपने अन्य समाजवादी सहयोगों को भी बता सकते थे. उन्होंने कहा कि चार बार प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी, अलग-अलग समय में उन्होंने प्रदेश में काम किया. लेकिन, 2017 के पहले और बाद के उत्तर प्रदेश में बहुत फर्क है. 2017 के पहले का उत्तर प्रदेश अपनी अराजकता, गुंडागर्दी, भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और यहां के युवाओं के लिए पहचान का संकट वाला राज्य बन गया था. वहीं 2017 के बाद का उत्तर प्रदेश डबल इंजन सरकार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में काम कर रहा है. आज लोगों की उत्तर प्रदेश के बारे में धारणाएं बदली हैं. उत्तर प्रदेश को लोग आज सम्मान की दृष्टि से देखते हैं. ये नए भारत का नया उत्तर प्रदेश है, जिसके बारे में आज लोग एक नई धारणा बनाते हैं. उनका दृष्टिकोण बदला है, जैसे दुनिया का दृष्टिकोण भारत के प्रति बदला है, वैसे ही देश और दुनिया की धारणा उत्तर प्रदेश के बारे में भी बदली है. सरकार वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी को लेकर पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है. इससे विरोधी दल के सदस्यों को प्रसन्नता होनी चाहिए, क्योंकि प्रदेश आगे बढ़ेगा तो हर व्यक्ति को उसका लाभ मिलेगा.

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63 हजार अपराधियों पर लगाया गैंगस्टर एक्ट, करोड़ों की संपत्ति जब्त

सीएम योगी आदित्यनाथ ने सदन में कहा 63 हजार अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत, 836 अपराधियों के खिलाफ एनएसए के तहत मामले दर्ज हुए. इतना ही नहीं इन अपराधियों की करोड़ों की संपत्ति भी जब्त की गई. प्रदेश के अंदर 66 माफिया और उनके गैंग्स के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की गई. प्रदेश में अपराधियों और माफियों के खिलाफ कैसी कार्रवाई होनी चाहिए. इसके बारे में बताने की आवश्यकता ही नहीं है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में साइबर क्राइम तेजी से बढ़ा है. 2017 से पहले इसकी पॉलिसी नहीं थी. लेकिन, आज इस पर तेजी से काम किया जा रहा है. हमने साइबर थानों का गठन किया है. हर जनपद में साइबर थानों के काम को आगे बढ़ाया है. शीघ्र उसके के लिए धनराशि जारी की जा रही है. सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ 2016-17 में यूपी की जीएसडीपी करीब 13 लाख करोड़ रुपए थी. आज 2023-24 में यह लगभग 24.5 लाख करोड़ रुपए है. राज्य का बजट बढ़ गया है. देश की कुल आबादी में से 16 प्रतिशत राज्य में रहते हैं. 2017 के बाद से औसत बजट दोगुना हो गया है. हम राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए इस बजट को लेकर आगे बढ़ रहे हैं.

आज रेवेन्यू सरप्लस के लिए जाना जा रहा है यूपी

सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2016-17 में यूपी की जीएसडीपी लगभग 13 लाख करोड़ थी. वहीं, वर्ष 2023-24 में लगभग साढ़े 24 लाख करोड़ की ओर पहुंच रही है. ऐसे में, हम लगभग दोगुने की ओर बढ़ चुके हैं. उत्तर प्रदेश की वर्ष 2015-16 में पर कैपिटा इनकम 43 हजार के आसपास थी, वह वर्ष 2022-23 में बढ़कर दोगुने से अधिक लगभग 83 हजार हो चुकी है. वर्ष 2023-24 के आंकड़े आएंगे तो इसमें और भी वृद्धि होगी. ऐसे में, बजट का आकार भी बढ़ा है. देश की 16 फीसदी यानी 25 करोड़ की आबादी यूपी में निवास करती है. यूपी में 2012 और 17 के बीच औसत बजट 2 लाख 70 हजार करोड़ के आस पास था. वहीं, 2022-23 का औसत 5 लाख 23 हजार करोड़ हुआ है. हमारा मूल बजट 6 लाख 90 हजार करोड़ है, जबकि 28 हजार करोड़ के अनुपूरक बजट के साथ ये 7 लाख 19 हजार करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा बजट है, जिसे सरकार लेकर आई है. सरकार इस बजट के साथ प्रदेश के सर्वांगीण विकास की ओर बढ़ रही है. नेता सदन ने कहा कि जब सरकार अपना बजट लाती है तो इस बात का ध्यान रखती है कि सोर्स ऑफ इनकम है या नहीं. आय और व्यय के संतुलन को ध्यान में रखना होता है. प्रदेश का राजकोषीय प्रबंधन बेहतरीन ढंग से आगे बढ़ रहा है. यूपी जैसा राज्य रेवेन्यू सरप्लस के रूप में जाना जा रहा है.

राज्य का कर राजस्व डेढ़ लाख करोड़ तक पहुंचा

नेता सदन ने कहा कि प्रदेश में 2016-17 में राज्य का कर राजस्व 86 हजार करोड़ था. ये 2021-22 में बढ़कर डेढ़ लाख करोड़ तक पहुंचाने में सफल हुआ है. प्रदेश में स्टांप एंड रजिस्ट्रेशन में लगभग 11 हजार करोड़ रुपए 2016-17 में प्राप्त हुए थे, आज यही बढ़कर 23-24 में 34 हजार करोड़ रुपए हो गया है. वहीं वैट एवं टैक्स के आधार पर वर्ष 2016-17 में सेल टैक्स 49 हजार करोड़ था, आज डेढ़ लाख करोड़ पर पहुंच रहा है. स्टेट एक्साइज में वर्ष 2016-17 में कुल 14 हजार करोड़ प्राप्त हुए थे, जो आज 58 हजार करोड़ रुपए पर पहुंच रहा है. पहले परिवहन में 5 हजार करोड़ का राजस्व प्राप्त होता था. वहीं अब 12 हजार करोड़ की राशि से अधिक प्राप्त हो चुका है.

अखिलेश बोले- मुख्य बजट से विकास नहीं हुआ तो अनुपूरक से कैसे होगा

अखिलेश यादव ने कहा कि जब पिछले बजट की लगभग 63 प्रतिशत धनराशि खर्च नहीं हुई है तो अनुपूरक बजट क्यों? सबसे महत्वपूर्ण विभाग पीडब्ल्यूडी है उसमें अभी भी 65 परसेंट पैसा पड़ा हुआ है खर्च नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि सरकार के पास कोई विजन नहीं, पैसा होने के बाद भी काम नहीं हो रहा है. उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी का सपना दिखाया था क्या इस सप्लीमेंट्री बजट में स्मार्ट सिटी का कहीं स्थान है? मुझे तो यह लगता है कि पांच साल का वह कार्यकाल और लगभग दो साल पूरे होने जा रहे हैं, यह सरकार खुद महसूस कर गई है कि अब वो स्मार्ट सिटी नहीं बन सकती.

उन्होंने कहा कि जब मुख्य बजट से डेवलपमेंट नहीं हुआ तो यह सप्लीमेंट्री बजट से कौन सा डेवलपमेंट हो जाएगा. जब आपके बजट की तुलना होती और प्रदेशों से तो 18 वां स्थान है आपका. यह आंकड़े हम विपक्ष के लोगों के नहीं हैं. नेता विरोधी दल ने कहा कि इस सरकार ने कोई भी एक जिला अस्पताल नहीं बनाया, जिसमें गरीबों को पूरा इलाज मिल जाए. ना नया बनाया ना पुराने अस्पतालों में सुधार किया. उसका परिणाम यह है कि गरीब को मजबूरी में प्राइवेट अस्पताल में जाना पड़ रहा है.

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