नयी दिल्ली: मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने आज कहा कि वह वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के खिलाफ नहीं है और केवल यह चाहती है कि कार्यकारी आदेश के तहत कर की दर नहीं बदलें. राज्यसभा में जीएसटी विधेयक पर विचार-विमर्श शुरू होने से पहले, कांग्रेस ने यह बात कही.वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त […]
नयी दिल्ली: मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने आज कहा कि वह वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के खिलाफ नहीं है और केवल यह चाहती है कि कार्यकारी आदेश के तहत कर की दर नहीं बदलें. राज्यसभा में जीएसटी विधेयक पर विचार-विमर्श शुरू होने से पहले, कांग्रेस ने यह बात कही.वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि जीएसटी के लिये संविधान संशोधन विधेयक के पारित होने को लेकर संसद के मौजूदा मानसून सत्र में अभी काफी दिन बचे हैं. उन्होंने कहा कि अगर सरकार ‘अक्लमंद’ है, वह जीएसटी दर स्थिर रखने को लेकर कोई सूत्र (फार्मूलेशन) ला सकती है जो स्वीकार्य हो.
उन्होंने समाचार चैनल इंडियाटुडे टीवी के एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘हम जीएसटी के खिलाफ नहीं है. जीएसटी का जो विचार है और जो जीएसटी आज संसद के समक्ष है, कृपया उसमें अंतर कीजिए. हमने जीएसटी का विचार दिया। हमने जीएसटी को तैयार किया, जीएसटी विधेयक तैयार हम लोगों ने किया. इसीलिए हम पूरी तरह जीएसटी के पक्ष में हैं. अगर भाजपा ने 2012-13 में साथ दिया होता, यह पारित हो गया होता.’ चिदंबरम ने कहा कि जो विधेयक संसद के समक्ष लंबित है, उसमें ‘खामी’ है और कांग्रेस ने तीन अहम सुझाव दिये थे जिसमें संविधान विधेयक में 18 प्रतिशत जीएसटी दर की बात शामिल है.
उन्होंने कहा कि अगर सरकार इस फार्मूले से असहमत है, वह अलग सूत्र ला सकती है. पूर्व वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘हम नहीं चाहते कि कार्यकारी आदेश से दर में बदलाव हो…हम कुछ हद तक निश्चितता चाहते हैं…अगर सरकार अक्लमंद है, वह अलग फार्मूला ला सकती है जो स्वीकार्य हो..
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